महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नारायणपुर का रामेश्वर शिव मंदिर बना आस्था का केंद्र, वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच 24 घंटे के अखण्ड ‘हरे राम–हरे कृष्ण’ महामंत्र कीर्तन का भव्य शुभारंभ,भक्तिमय वातावरण में डूबा पूरा गांव
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महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नारायणपुर का रामेश्वर शिव मंदिर बना आस्था का केंद्र, वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच 24 घंटे के अखण्ड ‘हरे राम–हरे कृष्ण’ महामंत्र कीर्तन का भव्य शुभारंभ,भक्तिमय वातावरण में डूबा पूरा गांव

नारायणपुर, 14 फरवरी 2026। महाशिवरात्रि के पावन और आध्यात्मिक पर्व के अवसर पर नारायणपुर स्थित श्रद्धा के प्रमुख केंद्र रामेश्वर शिव मंदिर में प्रतिवर्ष की परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी 24 घंटे का अखण्ड ‘हरे राम–हरे कृष्ण’ महामंत्र कीर्तन का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ प्रारंभ किया गया। शनिवार की सुबह ठीक 7:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ इस दिव्य धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

इस पवित्र आयोजन की शुरुआत  पुरोहित मदन नंदे द्वारा विधिवत कलश स्थापना पूजा पाठ कर की गई। वैदिक मंत्रों की गूंज, धूप-दीप की सुगंध और शंखध्वनि के साथ जैसे ही अखण्ड कीर्तन प्रारंभ हुआ, पूरा मंदिर परिसर ‘हरे राम–हरे कृष्ण’ महामंत्र के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष शीश नवाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।

इस अखण्ड कीर्तन में क्षेत्र भर से आधा दर्जन से अधिक कीर्तन मंडलियां अपनी भक्ति प्रस्तुतियां देने के लिए नारायणपुर पहुंच रही हैं। कीर्तन मंडलियों द्वारा मधुर स्वर में गाए जा रहे भजन, कीर्तन और महामंत्र जाप से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास का पूरा गांव भगवान के नाम की ध्वनि से गूंज रहा है, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय और दिव्य हो गया है।

इस धार्मिक अनुष्ठान में यजमान के रूप में गंगलेश्वर साहू एवं उनकी धर्मपत्नी विशेष रूप से उपस्थित होकर पूजा-अर्चना और कीर्तन में सहभागी बने। उन्होंने विधिवत पूजा कर भगवान से परिवार, समाज और क्षेत्र की खुशहाली एवं समृद्धि की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस आयोजन में भाग लेकर भक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रहें हैं।

ग्रामीणों एवं समाजसेवियों ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित यह अखण्ड कीर्तन वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जो गांव की धार्मिक पहचान और आस्था का प्रतीक बन चुका है। इस प्रकार के आयोजनों से लोगों के बीच धार्मिक चेतना जागृत होती है और समाज में एकता, भाईचारा तथा शांति का संदेश फैलता है।

महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर रामेश्वर शिव मंदिर में आयोजित यह अखण्ड कीर्तन रविवार 15 फरवरी की सुबह पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा। तब तक निरंतर ‘हरे राम–हरे कृष्ण’ महामंत्र का जाप जारी रहेगा और पूरा नारायणपुर क्षेत्र भगवान श्रीराम और श्रीहरि के नाम के जयघोष से भक्तिमय वातावरण में डूबा रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम बन गया है।

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