बाल विवाह के दुष्परिणामों से समाज को अवगत कराएगा ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’, गांव-गांव पहुंचेगा अभियान, बाल विवाह पर नहीं होगी कोई ढील : प्रियंवदा सिंह जूदेव
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बाल विवाह के दुष्परिणामों से समाज को अवगत कराएगा ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’, गांव-गांव पहुंचेगा अभियान, बाल विवाह पर नहीं होगी कोई ढील : प्रियंवदा सिंह जूदेव

जशपुरनगर 06 फरवरी 2026 :। बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ दंडनीय अपराध भी है, जो बालिकाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। यह बात राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने अपने कार्यालय में बाल विवाह मुक्ति रथ अभियान से जुड़े समर्पित संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के दौरान कही।

संस्था की प्रतिनिधि अंजली ताम्रकार ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को बगिया स्थित कैंप कार्यालय से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के सभी आठों विकासखंडों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के विरुद्ध जागरूक करेगा और इसके दुष्परिणामों की जानकारी देगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य जशपुर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाना है।

प्रियंवदा सिंह जूदेव ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बालिका एवं महिला सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं को कई प्रकार की शारीरिक कठिनाइयों और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही शिक्षा बाधित होने से उनका भविष्य प्रभावित होता है, जिसका असर पूरे समाज पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता भी जरूरी है। जब लोगों को इसके नुकसान की सही जानकारी होगी, तो वे स्वयं इस कुप्रथा से दूर रहेंगे,यही अभियान की वास्तविक सफलता होगी।

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