रौतिया समाज की राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और युवा नेतृत्व का ऐतिहासिक संगम: जशपुर के बरगांव में राष्ट्रीय स्तरीय युवा महोत्सव का भव्य और गौरवपूर्ण समापन
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रौतिया समाज की राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और युवा नेतृत्व का ऐतिहासिक संगम: जशपुर के बरगांव में राष्ट्रीय स्तरीय युवा महोत्सव का भव्य और गौरवपूर्ण समापन

पूर्व न्यायाधीश प्रकाश भाऊ ऊईके जी के प्रेरणादायी उद्बोधन से गूंजा मंच, हजारों समाजबंधुओं की सहभागिता ने आयोजन को दिया राष्ट्रीय स्वरूप

जशपुर, 13 जनवरी 2026।
राष्ट्रीय स्तरीय रौतिया समाज युवा महोत्सव 2026 का दो दिवसीय आयोजन 11 एवं 12 जनवरी को जशपुर जिले के आरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बरगांव में अत्यंत भव्य, अनुशासित एवं ऐतिहासिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन रौतिया समाज की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक पहचान, युवा चेतना एवं राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।

          इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय प्रकाश भाऊ ऊईके जी, पूर्व न्यायाधीश एवं वरिष्ठ सलाहकार, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग, नई दिल्ली (भारत सरकार) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि तथा हजारों की संख्या में समाजबंधु सम्मिलित हुए।

परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र की मजबूती का संदेश

       अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में माननीय ऊईके जी ने कहा कि समाज की सबसे मजबूत नींव परिवार होता है। यदि परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करें, संवाद करें और एक-दूसरे को समझें, तो समाज स्वतः सशक्त बनता है। उन्होंने युवाओं को अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का युवा ही कल के भारत का नेतृत्व करेगा।

        उन्होंने रौतिया समाज की संगठित संरचना की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की एक साथ सहभागिता यह दर्शाती है कि यह समाज केवल जीवित नहीं, बल्कि जागरूक, अनुशासित और भविष्य के लिए तैयार है।

खेल, संस्कृति और नेतृत्व का अद्भुत समन्वय

        दो दिवसीय महोत्सव के दौरान समाज के युवाओं के लिए खेल प्रतियोगिताओं में फुटबॉल, क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, दौड़, मटका फोड़ एवं रस्साकशी जैसे रोमांचक आयोजन हुए, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जनजातीय नृत्य, पारंपरिक गीत, जनजातीय फैशन शो ने रौतिया समाज की समृद्ध परंपरा और पहचान को मंच पर जीवंत कर दिया। वहीं पोस्टर मेकिंग, रील मेकिंग, युवा संवाद, नशामुक्ति शपथ और प्रश्न–उत्तर सत्रों के माध्यम से सामाजिक चेतना को मजबूत किया गया।

युवाओं के भविष्य पर केंद्रित विशेष सत्र

        महोत्सव में नेतृत्व विकास, करियर मार्गदर्शन, स्वरोजगार एवं स्टार्टअप, योग, प्राणायाम तथा व्यक्तित्व विकास पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने युवाओं को रोजगार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित किया।साथ ही युवा-युवती परिचय सम्मेलन ने सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को नई दिशा प्रदान की।

देशभर से पहुंचे समाजबंधु, बना राष्ट्रीय मंच

      इस आयोजन में रौतिया समाज के प्रांतीय अध्यक्ष श्री हेमनारायण सिंह, प्रांतीय सचिव श्री पालू राम प्रधान, प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्री बजरंग राम सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।देश के विभिन्न राज्यों से आए विशिष्ट अतिथियों में श्री रामनारायण जी (सूरजपुर), श्री बिंदेश्वर जी (रायगढ़), श्री अभिषेक पल्लव जी (झारखंड), श्री श्रवण जी, श्री अशोक जी (उड़ीसा) एवं श्री विजय जी (शक्ति) प्रमुख रूप से शामिल रहे।झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, असम सहित देश के अनेक राज्यों से हजारों समाजबंधुओं की सहभागिता ने इस महोत्सव को वास्तविक राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

एकता, आत्मसम्मान और भविष्य निर्माण का संकल्प

     पूरा आयोजन स्थल रौतिया समाज की एकता, सांस्कृतिक गौरव, आत्मसम्मान और संगठन शक्ति से गूंजता रहा। समापन अवसर पर समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार, संस्कृति संरक्षण और युवा नेतृत्व को लेकर सामूहिक संकल्प लिया गया।

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