कृषकों के भविष्य को सुरक्षित करने राज्य सरकार की दूरदर्शी योजना, ऑयल पॉम खेती के लिए अतिरिक्त दिया जाएगा अनुदान
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कृषकों के भविष्य को सुरक्षित करने राज्य सरकार की दूरदर्शी योजना, ऑयल पॉम खेती के लिए अतिरिक्त दिया जाएगा अनुदान

जशपुर 9 जनवरी 2026/ जिले में 74 हे. का ऑयल पॉम पौध रोपण एवं ऑयल पॉम पौध रोपण की खेती के लिए अतिरिक्त अनुदान

खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने तथा कृषकों की आय में दीर्घकालीन वृद्धि सुनिश्चित् करने के उद्देश्य से केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल योजना अंतर्गत ऑयल पॉम पौध रोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत ऑयल पॉम रोपण करने वाले कृषकों को केन्द्र सरकार द्वारा देय अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटको में अतिरिक्त (टॉप अप) अनुदान प्रदान किया जा रहा है। ऑयल पॉम एक दीर्घकालीन, कम श्रम एवं अधिक उत्पादकता वाली फसल है, जिसमें रोग प्रकोप की संभावना न्यूनतम रहती है। तथा अन्य फसलों की तुलना में इसकी देखरेख अपेक्षाकृत आसान होती है। एक बार रोपण करने के पश्चात चौथे वर्ष से इसका उत्पादन प्रारम्भ होकर 25 से 30 वर्षों तक निरन्तर उत्पादन प्राप्त होता है। यह फसल पारंम्परिक तिलहन फसलों की तुलना में प्रति हे. 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है। जिससे कृषकों को स्थायी आर्थिक लाभप्राप्त होता है। आयल पॉम की प्रारंभिक लागत अधिक एवं 03 से 04 वर्ष की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा केन्द्र सरकार के न्यूनतम 1.30 लाख रू प्रति हे. अनुदान के अतिरिक्त टॉप अप अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषकों को ऑयल पॉम रोपण हेतु प्रोत्साहन मिल सके। सहायक संचालक उद्यान द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जशपुर जिले में कुल 74.00 हे. का ऑयल पॉम पौध रोपण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

ऑयल पॉम रोपण करने वाले कृषकों को अतिरिक्त (टॉप-अप) अनुदान

राज्य शासन द्वारा ऑयल पॉम रखरखाव में पूर्व में दिये जा रहे 5250/- रूपये प्रति है. के अनुदान में 1500/- रूपये की वृद्धि करते हुये कुल 6750/- रूपये का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसी प्रकार अंतवर्तीय फसलों हेतु अतिरिक्त वृद्धि के साथ कुल 10250/- रूपये का अनुदान दिया जा रहा है। ड्रिप सिंचाई अपनाने वाले कृषकों को 8835/- रूपये की अतिरिक्त सहित कुल 22765/- रूपये का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा पौधो एवं अंतवर्तीय फसलों को जानवरों से सुरक्षा प्रदान करने हेतु फेसिंग के लिये 54485/- रूपये प्रति हे. का अनुदान दिया जा रहा है। इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, अंतवर्तीय फसल, फेसिंग एवं ड्रिप मद में कुल 69620/- रूपये तक का अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान केवल ऑयल पॉम रोपण करने वाले कृषकों को प्रदान किया जा रहा है। योजना संबंधित अधिक जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन एवं योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रकिया के लिये कृषक भाई-बहन उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों एवं अधिकृत प्रतिनिधि कंपनी से संपर्क कर सकते हैं।

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